कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र पर संस्थागत ढांचे पर पूरी तरह से कब्जा करने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अमेरिका के जानेमाने शिक्षण संस्थान ‘हार्वर्ड केनेडी स्कूल’ (Harvard Kennedy School) के छात्रों के साथ ऑनलाइन संवाद में असम विधान सभा चुनाव (Assam Assembly Election 2021) के दौरान BJP के एक विधायक की कार से ईवीएम (EVM) मिलने का भी जिक्र किया.
प्रधानमंत्री बने तो क्या करेंगे?
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलने पर उनकी आर्थिक नीति क्या होगी तो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि वहयों नौकरि के सृजन पर जोर देंगे. अर्थव्यवस्था को गति देने के उपाय से जुड़े सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘अब सिर्फ एक ही विकल्प है कि लोगों के हाथों में पैसे दिए जाएं. इसके लिए हमारे पास ‘न्याय’ का विचार है.’
संस्थाएं हमारी रक्षा नहीं कर पा रही हैं
अमेरिका के पूर्व राजनयिक व हार्वर्ड केनेडी स्कूल के अंबेसडर निकोलस बर्न्स के साथ बातचीत में कांग्रेस की चुनावी असफलता और आगे की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा, ‘हम आज ऐसी अलग स्थिति में हैं जहां वो संस्थाएं हमारी रक्षा नहीं कर पा रही हैं जिन्हें हमारी रक्षा करनी है. जिन संस्थाओं को निष्पक्ष राजनीतिक मुकाबले के लिए सहयोग देना है वो अब ऐसा नहीं कर रही हैं.
‘लॉकडाउन से नुकसान हुआ’
कोरोना संकट और लॉकडाउन (Lockdown) के असर पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मैंने लॉकडाउन की शुरुआत में कहा था कि शक्ति का विकेंद्रीकरण किया जाए लेकिन कुछ महीने बाद केंद्र सरकार की समझ में आया, तब तक नुकसान हो चुका था.
‘मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विकास से चीन को चुनौती संभव’
उन्होंने चीन (China) के बढ़ते वर्चस्व की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत (India) और अमेरिका (America) जैसे देश लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ ही समृद्धि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विकास से बीजिंग की चुनौती से निपट सकते हैं.

























