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पीएम मोदी ने रखी नए संसद भवन की आधारशिला, सर्वधर्म प्रार्थना जारी

पीएम मोदी ने रखी नए संसद भवन की आधारशिला, सर्वधर्म प्रार्थना जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की आधारशिला रखी. सर्वधर्म प्रार्थना के तहत संसद भवन की नींव रखने का कार्यक्रम किया गया. नया संसद भवन अगस्त 2022 तक तैयार होगा, सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की आधारशिला रखी. इस दौरान सर्वधर्म प्रार्थना भी की गई, इसमें हिन्दू, सिख, ईसाई, मुस्लिम, बौद्ध, जैन एवं अन्य धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहे, जिन्होंने प्रार्थना की.

लोकतंत्र का मंदिर माने जाने वाले संसद भवन की तस्वीर अब बदलने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली में नए संसद भवन की नींव रखेंगे. आजादी के 75 साल पूरे होने तक ये नई बिल्डिंग तैयार हो जाएगी. जो मौजूदा बिल्डिंग से अधिक बड़ी, आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं वाली है. आज जब प्रधानमंत्री इसकी नींव रखने जा रहे हैं, तो नए संसद भवन से जुड़ी कुछ खास बातों पर आप गौर कीजिए..

1.    पुराने संसद भवन से इतर नई बिल्डिंग में आधुनिक तकनीक, जरुरतों का ध्यान रखा जा रहा है. अगस्त 2019 में मौजूदा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से नए संसद भवन का प्रस्ताव रखा गया.

2.   प्रस्ताव के मुताबिक, नया संसद भवन 64500 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा, जो चार मंजिला होगा और इसका खर्च 971 करोड़ रुपये आएगा. इस संसद भवन को 2022 तक तैयार किया जाएगा.

3.    सभी सांसदों के लिए संसद भवन परिसर में दफ्तर बनाया जाएगा, जिसे 2024 तक तैयार किया जाएगा. नई बिल्डिंग का डिजाइन HCP डिजाइन मैनेजमेंट ने किया है, जो अहमदाबाद से है.

4.    इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया जाएगा. नई बिल्डिंग में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क फैसिलिटी का ध्यान रखा जा रहा है.

5.    नई बिल्डिंग में कुल 1224 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी. इनमें 888 लोकसभा चैंबर में बैठ सकेंगे, जबकि राज्यसभा चैंबर में 384 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी.

6.    भविष्य में अगर सांसदों की संख्या बढ़ती है, तो उसकी जरूरत पूरी हो सकेगी.  संसद भवन में देश के हर कोने की तस्वीर दिखाने की कोशिश की जाएगी. नई बिल्डिंग में सेंट्रल हॉल नहीं होगा, लोकसभा चेंबर में ही दोनों सदनों के सांसद बैठ सकेंगे.

7.    संसद भवन की मौजूदा बिल्डिंग को एक म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा, उसमें काम भी चलता रहेगा. लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने जानकारी दी थी कि पुराने संसद भवन ने देश को बदलते देखा है, ऐसे में वो भविष्य में प्रेरणा देगा.

8.    लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा. जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्पले आदि होंगे.

9.    मौजूदा संसद भवन को अंग्रेजों ने बनवाया था, 12 फरवरी 1921 को इसकी नींव रखी गई और 1927 में जाकर ये तैयार हुआ. सर एडवर्ड लुटियंस, सर हॉर्बर्ट बेकर की अगुवाई में संसद भवन की बिल्डिंग तैयार हुई थी जिसे दुनिया के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखा जाता है. तब इस भवन को बनाने में कुल 83 लाख रुपये का खर्च आया था.

10.    नया संसद भवन केंद्र सरकार की योजना सेंट्रल विस्टा के तहत बनाया जा रहा है. जिसमें संसद भवन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों का नवीनीकरण किया जाएगा.

चीन की कोरोना वैक्सीन का आ गया रिजल्ट, अमेरिकी टीके से पिछड़ गई

चीन की कोरोना वैक्सीन का आ गया रिजल्ट, अमेरिकी टीके से पिछड़ गई

चीन की एक कोरोना वैक्सीन का रिजल्ट आ गया है. चीनी कंपनी Sinopharm की कोरोना वैक्सीन 86 फीसदी प्रभावी पाई गई है. वहीं, अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन 94 फीसदी प्रभावी पाई गई थी और फाइजर की वैक्सीन 90 फीसदी सफल बताई गई थी.

असल में चीनी कंपनी Sinopharm की कोरोना वैक्सीन के ट्रायल संयुक्त अरब अमीरात में किए गए हैं. संयुक्त अरब अमीरात ने ही बुधवार को जानकारी दी है कि चीनी कंपनी की वैक्सीन के शुरुआती डेटा से पता चला है कि वैक्सीन कोरोना बीमारी से बचाने में 86 फीसदी प्रभावी रहती है.

 

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि Sinopharm के अंतरिम डेटा का रिव्यू किया गया है. Sinopharm चीन की सरकारी कंपनी है. यह कंपनी कुल 10 देशों में वैक्सीन के ट्रायल कर रही है. अन्य देशों के डेटा अब तक जारी नहीं किए गए हैं

Sinopharm वैक्सीन के डेटा के विश्लेषण से यह भी पता चला है कि कोरोना से गंभीर और मध्यम बीमार होने से बचाने में वैक्सीन 100 फीसदी प्रभावी है. संयुक्त अरब अमीरात की सरकार का कहना है कि वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं मिला है.

हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने यह नहीं बताया है कि उन्होंने Sinopharm के रॉ डेटा का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन किया है. बता दें कि चीन की तीन और वैक्सीन बड़े ट्रायल के आखिरी राउंड में पहुंच गई है. अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियों और WHO के मुताबिक, 50 फीसदी प्रभावी रहने पर भी वैक्सीन को मंजूरी दी जा सकती है.

मोदी कैबिनेट ने देशभर के लिए PM Wi-Fi को दी मंजूरी, 1 करोड़ डाटा सेंटर खुलेंगे

मोदी कैबिनेट ने देशभर के लिए PM Wi-Fi को दी मंजूरी, 1 करोड़ डाटा सेंटर खुलेंगे

देश में पब्लिक वाई-फाई सिस्टम के लिए मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. मोदी कैबिनेट की बैठक में बुधवार को देश में 1 करोड़ डाटा सेंटर खोलने का फैसला लिया गया.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, सरकार देश में 1 करोड़ डाटा सेंटर खोलेगी. इस योजना को प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस इंटरफेस नाम है, जिसके जरिए देश में वाई-फाई की क्रांति लाई जाएगी.

इसके तहत सरकार पब्लिक डाटा ऑफिस (PDO) खोलेगी, इसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. किसी भी मौजूदा दुकान को डाटा ऑफिस में बदला जाएगा. सरकार की ओर से डाटा ऑफिस, डाटा एग्रिगेटर, ऐप सिस्टम के लिए 7 दिनों में सेंटर खोलने की इजाजत दी जाएगी.

कृषि कानूनों पर किसानों की मुहर है राजस्थान पंचायत चुनाव में बीजेपी की जीत: जावड़ेकर

कृषि कानूनों पर किसानों की मुहर है राजस्थान पंचायत चुनाव में बीजेपी की जीत: जावड़ेकर

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ट्रेंड ये रहा है कि जिसकी राज्य में सरकार होती है, उसे ज्यादा सफलता मिलती है, लेकिन इस बार उल्टा हुआ है. कांग्रेस की सरकार है जबकि मतदाताओं ने इस बार बीजेपी का साथ दिया है. इसका मतलब है कि किसान करोड़ों की संख्या में कृषि सुधार के पक्ष में है.

किसान आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राजस्थान के पंचायत चुनाव नतीजों को बीजेपी के पक्ष में किसानों का फैसला बताया है. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजस्थान में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में बीजेपो को अप्रत्याशित जीत मिली है. ग्रामीण इलाकों के ये ढाई करोड़ वोटर मुख्यत: किसान थे, ये उनका फैसला है.

जावड़ेकर ने कहा कि जिला परिषद के चुनाव में 636 सीटों पर चुनाव हुआ, इनमें से 353 सीटें बीजेपी ने जीती हैं. पंचायत समिति की 4371 सीटों में बीजेपी ने 1990 सीटें जीती हैं. जावड़ेकर ने राजस्थान की जीत को बड़ी जीत बताते हुए कहा कि 21 जिला परिषदों में 14 पर बीजेपी को जीत मिली. जबकि कांग्रेस 5 पर जीती. ब्लॉक पंचायत में 222 सीटों के चुनाव में से 93 पर बीजेपी को बहुमत मिला है.

कृषि सुधार के पक्ष में किसान

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ट्रेंड ये रहा है कि जिसकी राज्य में सरकार होती है, उसे इन चुनावों में ज्यादा सफलता मिलती है, लेकिन इस बार उल्टा हुआ है. राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है जबकि मतदाताओं ने इस बार बीजेपी का साथ दिया है. कांग्रेस ने परिसीमन किया, पैसों का जोर भी दिखाया लेकिन कुछ नहीं हुआ. जावड़ेकर ने कहा कि ढाई करोड़ वोटरों में सब किसान ही थे, इसका मतलब है कि राजस्थान में करोड़ों की संख्या में किसान कृषि सुधार के पक्ष में हैं.

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजस्थान चुनाव में इस बार हमारी जीत और उनकी हार का अंतर भी काफी ज्यादा रहा. सचिन पायलट के टोंक जिले में जिला परिषद बीजेपी ने जीती. चार मंत्री भी अपने इलाकों में जिला परिषद हार गए. ये आने वाले समय का संकेत है कि मतदाता किस तरफ जा रहा है.

हैदराबाद चुनाव का भी दिया हवाला

जावड़ेकर ने ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव के नतीजों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी को वहां 49 सीटें मिलीं, जबकि सत्ताधारी टीआरएस को 55 सीटें मिलीं, लेकिन बड़ी बात ये है कि बीजेपी को टीआरएस से भी ज्यादा वोट मिले. हैदराबाद के नतीजे दिखाते हैं कि तेलंगाना में जनता बीजेपी को पसंद करने लगी है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हैदराबाद के अलावा अरुणाचल में भी बीजेपी को भारी सफलता मिली है. ग्राम पंचायत की 8291 सीटों में से 5410 सीटें बीजेपी को निर्विरोध मिल गई हैं. बीजेपी के सामने इन सीटों पर कोई चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि जनता ने बीजेपी को पंसद किया.

कोरोना और दुष्प्रचार के बावजूद बीेजेपी को जीत

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बिहार, तेलंगाना, राजस्थान और अरुणाचल में बीजेपी को जीत मिली है. ये ऐसी स्थिति में जीत मिली है जब कोरोना और उसकी वजह से पूरी दुनिया में आर्थिक संकट है और कृषि सुधारों पर विपक्ष का कुप्रचार है. इसके बावजूद भी लोगों ने बीजेपी को पंसद किया है, क्योंकि जनता तरक्की देखना चाहती है और उन्हें विश्वास है कि तरक्की मोदी जी के नेतृत्व में होगी.

राजस्थान में कांग्रेस को झटका, बीजेपी ने दी मात, पांच मंत्रियों के इलाके में हारी कांग्रेस

राजस्थान में कांग्रेस को झटका, बीजेपी ने दी मात, पांच मंत्रियों के इलाके में हारी कांग्रेस

राजस्थान के पंचायत चुनाव में कांग्रेस को जबरदस्त झटका लगा जबकि विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है. प्रदेश के 21 जिलों में हुए जिला परिषद और पंचायत दोने की चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को मात देने में सफल रही है. इतना ही नहीं गहलोत कैबिनेट के पांच नेताओं के जिले में भी कांग्रेस को हार का समाना करना पड़ा है.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल के बेटे पंचायत चुनाव हारे

बीजेपी ने 14 जनपदों की जिला परिषद पर कब्जा किया

कांग्रेस के पांच मंत्रियों के जिलों में कांग्रेस को मिली हार

राजस्थान के पंचायत चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सियासी जादू नहीं चल सका है. कांग्रेस को पंचायत चुनाव में जबरदस्त झटका लगा जबकि विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है. प्रदेश के 21 जिलों में हुए जिला परिषद और पंचायत के चुनाव में बीजेपी कांग्रेस को मात देने में सफल रही है. इतना ही नहीं गहलोत कैबिनेट के पांच नेताओं के जिले में भी कांग्रेस को हार का समाना करना पड़ा है.
राजस्थान में कुल 4371 पंचायत समिति पर चुनाव हुए हैं, जिनमें से बीजेपी ने 1911 पंचायत सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस को 1780 पर जीत मिली है. इसके अलावा 425 पंचायत में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है और 3 बसपा, 1 एनसीपी, 56 आरएलपी और सीपीआईएम ने 16 पंचायत समितियों में जीत दर्ज की है.
वहीं, जिला परिषद की कुल 636 सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिनमें से कांग्रेस 252 जबिक बीजेपी 353 सीटें जीतने में कामयाब रही है. आरएलपी 10 सीट पर जीती है. इसके अलावा 18 निर्दलीय और बाकी सीटें अन्य के खाते में गई हैं. इस तरह से बीजेपी 14 जिलों में अपना अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहेगी जबकि कांग्रेस सिर्फ पांच जिलों में अपना अध्यक्ष बना सकेगी. इसके अलावा नागौर जिले में हनुमान बेनीवाल की पार्टी किंगमेकर की भूमिका में है. ऐसे ही डूंगरपुर में बीटीपी के हाथ में जिला प्रमुख की चाबी होगी. पंचायत चुनाव में बीजेपी की जीत पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बधाई दी है.

गहलोत के मंत्रियों के गढ़ में हारी कांग्रेस

बीजेपी अजमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, पाली, राजसमंद, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बूंदी, चितौड़गढ़, चूरू, सीकर, टोंक और उदयपुर में जिला प्रमुख बनाने में कामयाब रहेगी. वहीं, कांग्रेस बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, हनुमानगढ़ और जैसलमेर जिले में ही अपना परिषद अध्यक्ष बना पाएगी. इस तरह से गहलोत कैबिनेट के रघु शर्मा के अजमेर, उदयलाल आंजना के निंबाहेड़ा, गोविंद डोटासरा के  लक्ष्मणगढ़ और खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना के हिंडौली जिले में कांग्रेस को हार मिली है. इसके अलावा पूर्व डिप्टीसीएम सचिन पायलट के टोंक और उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी के क्षेत्र नावां में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है.
दिग्गज नेताओं के रिश्तेदार हारे
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल के बेटे रवि शेखर बीकानेर जिला परिषद सदस्य का चुनाव हार गए हैं. ऐसे ही सादुलपुर से कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया की सास और देवरानी भी पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में हारी हैं. सरदारशहर से कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा की पत्नी मनोहरीदेवी शर्मा अपने देवर निर्दलीय प्रत्याशी श्यामलाल शर्मा से पंचायत समिति सदस्य का चुनाव हार गई हैं. बीजेपी विधायक गोपीचंद मीणा की मां उगमा देवी हाजपुर पंचायत समिति का चुनाव हार गईं हैं. गढ़ी से बीजेपी  विधायक कैलाश मीना की पुत्रवधू भी चुनाव हार गई हैं. श्रीमाधोपुर के पूर्व विधायक झाबर खर्रा के बेटे दुर्गा सिंह और कांग्रेस की पूर्व विधायक कान्ता भील के पुत्र अरथूना से हार गए हैं.

 

 

सरकार ने किसानों को भेजा लिखित प्रस्ताव, क्या MSP-मंडी पर खत्म होगा गतिरोध?

सरकार ने किसानों को भेजा लिखित प्रस्ताव, क्या MSP-मंडी पर खत्म होगा गतिरोध?

कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों को सरकार ने अपना प्रस्ताव भेजा है. जिसमें मौजूदा कानूनों में संशोधन शामिल हैं, इनमें किसानों की मांग को शामिल किया जा रहा है.

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और सरकार के बीच बातचीत का रास्ता निकला है. सरकार की ओर से कृषि कानूनों में कुछ संशोधन किए जा सकते हैं, जिनपर किसान अड़े हुए थे. सरकार की ओर से किसानों को एक लिखित प्रस्ताव भेज दिया गया है, जिसमें अपनी ओर से कुछ संशोधन जुझाए गए हैं. केंद्र की ओर से इस प्रस्ताव में APMC एक्ट और MSP पर सरकारों को लिखित भरोसा दिया गया है.

किसानों को दिए जाने वाले लिखित प्रस्ताव में सरकार मुख्य रुप से ये पांच मुद्दों को हो सकते हैं. इन मसलों पर सरकार और किसानों के बीच हुई बैठकों में चर्चा हुई है और सरकार की ओर से कुछ ढिलाई के संकेत दिए गए हैं.

1.    APMC एक्ट (मंडी सिस्टम) को मजबूत करना.
2.    ट्रेडर्स के साथ व्यापार को सिस्टमैटिक तरीके से लागू करना.
3.    किसी तरह की दिक्कत होने पर स्थानीय कोर्ट जाने का विकल्प
4.    MSP जारी रहने का प्रस्ताव.
5.    पराली जलाने के खिलाफ सख्त हुए कानून में कुछ संशोधन.

प्रस्ताव पर किसान नेता करेंगे चर्चा
सरकार की ओर से प्रस्ताव मिलने से पहले किसान नेता हनन मोल्ला ने कहा कि अगर सरकार कुछ संशोधन दे रही है तो हमारी स्थिति साफ है, अगर कानून वापस होंगे तभी हम उसे मानेंगे. अगर आज के प्रस्ताव में कुछ पॉजिटिव होता है, तो सरकार के साथ आगे बैठक हो सकती है. उन्होंने कहा कि सरकार ने लिखित में प्रस्ताव देने को कहा है, इसलिए हम उसपर अपने साथियों से बात करेंगे.

आंदोलन के मसले पर विपक्ष भी एक्टिव 
किसानों के आंदोलन के बीच विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुटा है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार को एनसीपी नेता शरद पवार और अकाली दल के सुखबीर बादल की बैठक चल रही है. इससे पहले अकाली दल नेता प्रेम चंदूमाजरा शरद पवार से मिलने उनके घर आए थे. चंदूमाजरा ने कहा है कि शरद पवार भी चाहते हैं कि मुद्दे का हाल बातचीत से निकले. अगर सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो तो आगे उसी के हिसाब से रणनीति बनेगी. बता दें कि आज शाम को विपक्ष को इस मसले पर राष्ट्रपति से मिलना है.

IND vs AUS: टीम इंडिया ने 12 रनों से गंवाया आखिरी टी20, सीरीज पर 2-1 से कब्जा

IND vs AUS: टीम इंडिया ने 12 रनों से गंवाया आखिरी टी20, सीरीज पर 2-1 से कब्जा

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया दौरे का तीसरा टी20 मैच 12 रनों से गंवा दिया है. मंगलवार को सिडनी में 187 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 174/7 रन ही बना पाई.

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया दौरे का तीसरा टी20 मैच 12 रनों से गंवा दिया है. मंगलवार को सिडनी में 187 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 174/7 रन ही बना पाई. पहले दो मैच जीतने की वजह से टीम इंडिया ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की. वह मेजबान टीम का 3-0 से क्लीन स्वीप नहीं कर पाई.
विराट कोहली (85 रन, 61 गेंदों में) की कप्तानी पारी टीम इंडिया को जीत तक नहीं पहुंचा पाई. उनके अलावा कोई और बल्लेबाज अपने रंग में नहीं दिखा. हार्दिक पंड्या (20 रन, 13 गेंदों में) जम ही रहे थे कि उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया. टीम इंडिया का पहला विकेट दूसरी ही गेंद पर गिरा, जब केएल राहुल (0) को ग्लेन मैक्सवेल ने लौटाया. शिखर धवन (28) और श्रेयस अय्यर (0) शीर्ष क्रम को संभाल नहीं पाए.
 4 ओवरों में 23 रन देकर 3 विकेट लेने वाले मिशेल स्वेपसन मैन ऑफ द मैच रहे.

ऑस्ट्रेलिया ने बनाए थे 186/5 रन 

मैथ्यू वेड और ग्लेन मैक्सवेल के अर्धशतकों से ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 5 विकेट पर 186 रन बनाए. वेड ने 53 गेंदों में 7 चौकों और 2 छक्कों की बदौलत 80 रनों की पारी खेलने के अलावा ग्लेन मैक्सवेल (54) के साथ तीसरे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी भी की.

टीम इंडिया की खराब फील्डिंग, कैच छूटे

भारत को खराब फील्डिंग का खामियाजा भी भुगतना पड़ा. उसने कम से कम दो कैच टपकाने के अलावा एक स्टंप का मौका भी गंवाया, जबकि कई बार मिसफील्ड की.
भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. वेड एक बार फिर अच्छी लय में दिखे और उन्होंने दीपक चाहर के पहले ओवर में दो चौकों के साथ शुरुआत की. चोट के कारण दूसरे टी20 से बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले कप्तान एरॉन फिंच नाकाम रहे और खाता खोले बिना ही सुंदर की गेंद पर मिड ऑफ पर हार्दिक पंड्या को आसान कैच दे बैठे.

वेड ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी

स्मिथ को शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने में दिक्कत हुई, लेकिन वेड ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी. वेड ने सुंदर पर चौका जड़ने के बाद चाहर पर भी लगातार दो चौके मारे. ऑस्ट्रेलिया ने पावर प्ले में एक विकेट पर 51 रन जोड़े.
स्मिथ 18 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहे, जबकि विकेटकीपर केएल राहुल ने सुंदर की गेंद पर उन्हें स्टंप करने का मौका गंवा दिया. स्मिथ हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पाए और दो गेंद बाद इसी स्पिनर की गेंद पर बोल्ड हो गए. उन्होंने 23 गेंदों की अपनी पारी में एक चौका जड़ा.
वेड ने नटराजन की गेंद पर दो रनों के साथ 34 गेंदों में लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया. वेड और मैक्सवेल ने इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. वेड ने शार्दुल ठाकुर का स्वागत छक्के से किया. मैक्सवेल ने इस तेज गेंदबाज पर चौके के साथ 12वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया.

मैक्सवेल भाग्यशाली, नो बॉल पर कैच हुए थे 

मैक्सवेल 18 रनों के स्कोर पर भाग्यशाली रहे, जब युजवेंद्र चहल की गेंद पर राहुल ने उनका कैच लपका. लेकिन यह नो बॉल हो गई. वेड ने इसके बाद शार्दुल पर छक्का जड़ा, जबकि मैक्सवेल ने चहल पर दो छक्के मारे.
मैक्सवेल जब 38 रन बनाकर खेल रहे थे, तब उन्हें दूसरा जीवनदान मिला. शार्दुल की गेंद पर चहल ने उनका आसान कैच टपका दिया. मैक्सवेल ने अगली गेंद पर छक्का जड़ा और टी नटराजन पर चौके के साथ 31 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया.
पारी के 19वें ओवर में शार्दुल की फुलटॉस को चूककर वेड एलबीडब्ल्यू हुए. इसी ओवर में चाहर ने भी मैक्सवेल का कैच टपकाया. नटराजन ने अंतिम ओवर की पहली गेंद पर मैक्सवेल को बोल्ड किया.

केजरीवाल की ‘नजरबंदी’ को कपिल मिश्रा ने बताया ‘सफेद झूठ’, वीडियो शेयर कर कहा- ‘वो तो शादी में गए थे’

केजरीवाल की ‘नजरबंदी’ को कपिल मिश्रा ने बताया ‘सफेद झूठ’, वीडियो शेयर कर कहा- ‘वो तो शादी में गए थे’

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हाउस अरेस्ट पर हैं।’ मिश्रा ने अपने बयान को बल देने के लिए एक वीडियो क्लिप भी साझा किया है और दावा किया है कि ‘सोमवार रात वह एक शादी में गए थे’।
उन्होंने मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा- “केजरीवाल के सफ़ेद झूठ का पर्दाफाश। AAP ने कहा कि कल दिन में किसानों से मिलने के बाद केजरीवाल हाउस अरेस्ट हैं। ये कल रात की CCTV वीडियो, केजरीवाल शादी अटेंड करने गए थे।”

 

 

किसान आंदोलन में नया मोड़, आज शाम 7 बजे को अमित शाह का किसान नेताओं को बुलावा

किसान आंदोलन में नया मोड़, आज शाम 7 बजे को अमित शाह का किसान नेताओं को बुलावा

कृषि कानून के विरोध में बुलाया गया किसानों का भारत बंद अब खत्म हो गया है. बुधवार को किसानों और सरकार के बीच होने वाली चर्चा से पहले आज शाम ही गृह मंत्री अमित शाह कुछ किसान नेताओं से मुलाकात करेंगे.

कृषि कानूनों के खिलाफ आज किसानों ने भारत बंद बुलाया था. जैसे ही भारत बंद की मियाद खत्म हुई, तब आंदोलन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार शाम 7 बजे किसान नेताओं से मुलाकात करेंगे. भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने ये जानकारी दी है. ये मुलाकात तब हो रही है जब बुधवार यानी कल किसान नेताओं और सरकार के बीच छठे दौर की बातचीत होनी है.
राकेश टिकैत के मुताबिक, अभी सभी किसान दिल्ली के सिंधु बॉर्डर जा रहे हैं. उसके बाद शाम को सात बजे गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे. राकेश टिकैत ने बताया कि इस बैठक में 14-15 किसान नेता शामिल हो सकते हैं.
उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों पर अभी भी टिके हैं और गृह मंत्री से उन्हीं मसलों पर बात करेंगे. किसान नेता राकेश टिकैत ने उम्मीद जताई है कि गृह मंत्री के साथ बैठक में कुछ पॉजिटिव निष्कर्ष निकलेगा.
आपको बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह और किसानों नेताओं के बीच ये बैठक तब हो रही है, जब बुधवार को किसानों और सरकार के बीच छठे राउंड की बात होनी है.
किसान संगठन इससे पहले भी कई बार मांग करते आए हैं कि कृषि कानून के मसले पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बात करनी चाहिए. हालांकि, सरकार और किसानों के बीच होने वाली चर्चा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सरकार की ओर से अगुवाई कर रहे हैं.
अबतक पांच राउंड की हो चुकी है बात
कृषि कानून के खिलाफ पंजाब और अन्य राज्यों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 13 दिनों से डटे हुए हैं. किसान लगातार कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं और इसको लेकर सरकार के साथ अबतक पांच राउंड की बात हो गई है. किसानों ने पहले ही भारत बंद का आह्वान किया था लेकिन 9 दिसंबर को होने वाली सरकार के साथ वार्ता में शामिल होने की सहमति भी जताई थी.
किसानों ने बुलाया था भारत बंद 
किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में आज भारत बंद बुलाया था. किसान संगठनों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भारत बंद का आह्वान किया था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही थी. हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों में दो दर्जन से अधिक राजनीतिक दलों ने भी भारत बंद का समर्थन किया. किसान संगठनों ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर व्यापक प्रदर्शन किया.