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यूपी में AIMIM-BSP साथ लड़ेंगी विधानसभा चुनाव!

यूपी में AIMIM-BSP साथ लड़ेंगी विधानसभा चुनाव!

AIMIM ने विधानसभा चुनाव के देखते हुए सूबे में संगठन को धार देना शुरू कर दिया है. पिछले एक महीने में करीब 20 जिले में नए जिला अध्यक्ष बनाए गए हैं.इसके अलावा पार्टी के साथ नए सदस्यों को जोड़ने का अभियान भी तेज कर दिया है. 

बिहार विधानसभा चुनाव में बीएसपी प्रमुख मायावती और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी मिलकर भले ही कोई बड़ा करिश्मा न दिखा सके हों, लेकिन आधा दर्जन सीटें जीतने में जरूर कामयाब रहे हैं. यह जोड़ी अब उत्तर प्रदेश में होने वाले 2022 के चुनाव के सियासी रण में दलित-मुस्लिम कार्ड खेलने का दांव चल सकती है. AIMIM ने आगामी चुनाव को देखते हुए बीएसपी के सामने दोस्ती का हाथ भी बढ़ाया है. ऐसे में मायावती अगर ओवैसी के साथ हाथ मिलाती हैं तो सूबे में राजनीतिक दलों के समीकरण गड़बड़ा सकते हैं.

AIMIM यूपी अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि यूपी में ओवैसी-मायावती मिलकर ही सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता में आने से रोक सकते हैं. इसके अलावा एसपी, बीएसपी और कांग्रेस कोई भी अकेले बीजेपी को नहीं रोक सकती है. शौकत अली ने कहा कि यूपी में दलित और मुस्लिम दोनों समुदाय की समस्या एक जैसी ही है और आबादी भी तकरीबन बराबर है. हमने तो पिछले चुनाव में भी बीएसपी के साथ गठबंधन करने की कोशिश की थी, लेकिन उस वक्त नहीं हो पाया. बिहार चुनाव में एक पॉलिटिकल एक्सपेरिमेंट हो चुका है और सफल रहा है तो यूपी में भी उसे आजमाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यूपी में करीब 21 फीसदी दलित और 20 फीसदी मुस्लिम हैं. ऐसे में दलित मुस्लिम मिलकर बीजेपी को सत्ता में आने से रोक सकते हैं. हमारी पार्टी शुरू से ही दलित मुस्लिम एकता पर काम करती रही है. महाराष्ट्र और बिहार में इसे जमीन पर उतारने की कोशिश सफल रही है. बीएसपी बिना किसी सहारे के आगामी विधानसभा चुनाव में अच्छा परफॉर्म करने की स्थिति मे नहीं है.

बीएसपी उत्तर प्रदेश में नए जातीय समीकरण को बनाने में जुटी है. मुस्लिम वोटों पर बहुत ज्यादा फोकस करने के बजाय अति पिछड़ा वोटर को टारगेट कर रही है. इसी दिशा में उन्होंने भीम राजभर को पार्टी की कमान सौंपी है. इसके अलावा हाल ही में हुए उपचुनाव में बीएसपी ने बुलंदशहर सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को उतारा था और वो दूसरे नंबर पर रही.

बीएसपी नेता ने अपना नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि बीएसपी में ओवैसी के साथ गठबंधन करने को लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है, लेकिन अभी कोई ठोस निर्णय नहीं है. हाल में जिस तरह से मुस्लिम विधायकों ने पार्टी से बागवात की है, उसके बाद मायावती ने मुस्लिम को साधने के लिए अलग रणनीति बनाई है. इसी रणनीति के तहत ओवैसी के साथ गठबंधन करने का फॉर्मूला है. इस तरह दलित-मुस्लिम का मजबूत सियासी कार्ड खेलकर बीएसपी यूपी में अपने विरोधियों को कड़ी चुनौती दे सकती है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रॉकेट से हमला, एक की मौत

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रॉकेट से हमला, एक की मौत

काबुल पुलिस ने बताया कि काबुल के एक हिस्से में सुबह-सुबह रॉकेट से हमला किया गया है. पुलिस के मुताबिक यह रॉकेट खैरखाना क्षेत्र से दागा गया है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक अरियान ने बताया कि काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में दो गोले दागे गए. एक गोला राजधानी के उत्तरी इलाके से और एक गाड़ी से दागा गया था.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार सुबह रॉकेट से हमला किया गया है. इस हमले में कम से कम एक आम नागरिक की मौत हो गई जबकि दूसरा जख्मी हो गया है. काबुल पुलिस ने बताया कि काबुल के एक हिस्से में सुबह-सुबह रॉकेट से हमला किया गया है. पुलिस के मुताबिक यह रॉकेट खैरखाना क्षेत्र से दागा गया है.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक अरियान ने बताया कि काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में दो गोले दागे गए. एक गोला राजधानी के उत्तरी इलाके से और एक गाड़ी से दागा गया था. हमले की जिम्मेदारी तत्काल किसी ने नहीं ली है.

अफगानिस्तान के इस्लामी स्टेट से संबद्ध संगठन पहले इस तरह के हमले कर चुके हैं. पिछले महीने दो दर्जन से ज्यादा मोर्टार दागे गए थे जिसमें आठ आम लोगों की मौत हो गई थी और 31 जख्मी हो गए थे.

आईएस से संबद्ध इस संगठन को ‘आईएस इन खुरासान प्राविंस’ के नाम से जाना जाता है. इसने हाल के महीनों में काबुल में किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली थी.

प्रियंका गांधी का सीएम योगी पर वार, कहा- उत्तर प्रदेश में विफल रहा ‘मिशन शक्ति’

प्रियंका गांधी का सीएम योगी पर वार, कहा- उत्तर प्रदेश में विफल रहा ‘मिशन शक्ति’

प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा है. महिला सुरक्षा को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति अभियान पूरी तरह से विफल रहा.

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर महिला सुरक्षा को लेकर जमकर निशाना साधा है. प्रियंका ने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के ‘मिशन शक्ति’ के बाद भी प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं.

बता दें कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए अक्टूबर में मिशन “शक्ति” अभियान शुरू किया था, जिसमें कड़ी चेतावनी दी गई थी कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों करने वाले अपराधियों को लोहे के हाथ से निपटना होगा. भाजपा सरकार पर हमला करते हुए, गांधी ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा कि जब सरकार का उद्देश्य पाखंड और झूठे प्रचार है, तो मिशन विफल होने के लिए बाध्य हैं.

कांग्रेस सरकार के यूपी प्रभारी महासचिव का कहना है कि यूपी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए भाजपा सरकार द्वारा शुरू किया गया मिशन शक्ति विफल हो गया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि महिला को जलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एक महीने बाद मामला दर्ज किया जा रहा है.

बता दें कि प्रियंका ने एक मीडिया रिपोर्ट को भी टैग किया जिसमें दावा किया गया था कि भदोही में 21 वर्षीय महिला को उसके घर के अंदर बदमाशों द्वारा जला दिया गया था, लेकिन एक महीने बाद मामला दर्ज किया गया था.

पूर्व SP विधायक की बढ़ी मुश्किलें, सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर कमाई करोड़ों की संपत्ति जब्त

पूर्व SP विधायक की बढ़ी मुश्किलें, सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर कमाई करोड़ों की संपत्ति जब्त

पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी सितंबर महीने से ही जेल में है. आज जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक की करोड़ों की संपत्ति जब्त की है. जिला प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ विधायक की संपत्तियों को जब्त किया है.

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. जिला प्रशासन ने पूर्व विधायक के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली है. पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी पर गैंगस्टर एक्ट सहित 22 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.

बता दें कि आरिफ अनवर हाशमी सितंबर महीने से ही जेल में है. आज जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक की करोड़ों की संपत्ति जब्त की है. जिला प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ विधायक की संपत्तियों को जब्त किया है. जिला प्रशासन ने मुनादी से पूर्व डुगडुगी बजाते हुए पूर्व विधायक के कोतवाली उतरौला,थाना सादुल्लाह नगर सहित रेहरा बाजार थाने के अंतर्गत संपत्ति को कुर्क किया है. विधायक की संपत्ति के साथ साथ 4 वाहन भी कुर्क किए गए हैं जिनकी कीमत 65 लाख रुपये बताई जा रही है.

जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को भू माफिया गिरोह का सरगना घोषित किया जा चुका है. अवैध रूप व अभिलेखों में हेरफेर से सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने के मुकदमे पूर्व विधायक पर दर्ज हैं. आपराधिक तरीके से अर्जित की गई संपत्ति जब्त की जा रही हैं. उन्होंने  बताया कि एसडीएम अरुण कुमार गौड़ को पूर्व विधायक की जब्त की गई संपत्तियों का प्रशासक बनाया गया है.

पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने बताया कि जबत की गई कुल 6.1 हेक्टेयर अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ है. उन्होंने बताया कि जब्त की गई संपत्तियों में मुख्य रूप से एजी हाशमी डिग्री कॉलेज, नेशनल महाविद्यालय रेहरा बाजार, मॉडल इंटर कॉलेज सादुल्लाह नगर, दारुल उलूम अल है सुन्नत सादुल्लाह नगर, सोसाइटी बालिका विकास सेवा संस्थान सादुल्लानगर है.

एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि पूर्व विधायक पर कुल 22 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें अवैध रूप से सरकारी एवं अन्य व्यक्तियों की जमीन पर कब्जा किया गया है.

दो बार रह चुके हैं विधायक

आरिफ अनवर हाशमी दो बार समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुके हैं. पहली बार वर्ष 2007 से 2012 तक सादुल्लाहनगर विधानसभा से निर्वाचित हुए थे. इसके बाद उतरौला विधानसभा में वर्ष 2012 से 2017 तक विधायक रहे.

किसान पंचायत: सुरजेवाला बोले- सरकार 14 संशोधन को तैयार तो, कानून खत्म क्यों नहीं करती

किसान पंचायत: सुरजेवाला बोले- सरकार 14 संशोधन को तैयार तो, कानून खत्म क्यों नहीं करती

किसान पंचायत में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को किसानों को टरकाना और उनसे टकराना बंद करना चाहिए. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कोविड काल में सरकार रात के अंधेरे में इस काले कानून को लेकर क्यों आई. क्या किसी किसान संगठन ने इसकी मांग की थी, क्या किसी राजनीतिक दल ने इसकी मांग की थी. इसका बीजेपी के पास कोई जवाब नहीं है.

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन उनकी आजीविका की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ 62 करोड़ ग्रामीण जनता की लड़ाई नहीं है, बल्कि ये संघर्ष उन 120 करोड़ लोगों का है, जो किसानों के खेत खलिहान पर अपनी जिंदगी पालते हैं.

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों में 14 संशोधन करने को तैयार है, इसका मतलब ये है कि कानून में गड़बड़ी है, अगर सरकार 14 संशोधन करने को तैयार है तो कानून ही खत्म क्यों नहीं करती है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का एक भी किसान संगठन बताएं जो इन कृषि कानूनों के पक्ष में हो, सभी संगठन इस कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, फिर मोदी सरकार इससे इनकार क्यों कर रही है. खेती राज्य का विषय है तो उसपर नरेंद्र मोदी की सरकार कानून कैसे बना सकती है.

कांग्रेस के घोषणापत्रों में मंडी सुधारों का जिक्र रहने पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस बात को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमने कहा था कि हम APMC को मजबूत करेंगे. अभी मंडियां 30 से 50 किलोमीटर के दायरे में है, इसे हम नजदीक के गांवों में लाएंगे.

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी ने दावा किया कि कृषि व्यवसाय का 25 लाख करोड़ का व्यवसाय, देश के 5 उद्योगपतियों को देने की तैयारी हो रही है. क्या कांग्रेस ने कोई ऐसा काला कानून बनाया है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले तो इन काले कानूनों को खत्म करे फिर अगर उसे इस पर चर्चा करनी है तो संसद में किसान प्रतिनिधियों और दूसरे राजनीतिक दलों से चर्चा करे.

सुरजेवाला ने कहा कि जब मंडियां खत्म हो जाएंगी तो किसानों को MSP मिलेगा कहां, उन्हें देगा कौन. इन सवालों का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है. उन्होंने कहा कि जब MSP पर सरकार अनाज खरीदेगी ही नहीं तो कोटा दुकानों में गरीबों को 2 रुपये किलो चावल मिलेगा कैसे?

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान फसल की उचित कीमत तो चाहते ही हैं, इसके अलावा वे चाहते हैं कि आम आदमी जब आटा चावल और आलू प्याज खरीदने बाजार जाए तो उसे उचित कीमत पर ये चीजें मिलें, उन्होंने कहा कि जब देश के 5 उद्योगपतियों का खेती पर कब्जा होगा तो उन्हें आटा 100 रुपये किलो मिलेगा.

किसान आंदोलन में शरजील इमाम समेत कुछ और लोगों की तस्वीरें दिखने पर सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी सरकार ऐसा कहकर किसानों का अपमान कर रही है. बीजेपी को पहले ये तय करना चाहिए वो इन किसानों को क्या साबित करना चाहते हैं.

अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया टेक्सास में चुनावी धांधली का केस

अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया टेक्सास में चुनावी धांधली का केस

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि टेक्सास के पास जॉर्जिया, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन के खिलाफ केस करने का कोई वाजिब आधार नहीं है. मंगलवार को टेक्सास के रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल और ट्रंप के सहयोगी द्वारा मामला दायर किया गया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस मुकदमे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने जो बाइडेन की जीत पर सवाल उठाते हुए टेक्सास में राष्ट्रपति चुनावों में धांधली के आरोप लगाए थे. इस मामले में रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने बुधवार को हस्तक्षेप करने का एक प्रस्ताव दायर किया.

जज सैमुअल अलिटो और जज क्लेरेंस थॉमस ने कहा कि उन्होंने टेक्सास पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी जरूर थी लेकिन चार राज्यों को अपने चुनाव परिणामों को अंतिम रूप देने से नहीं रोका गया था.

इस मसले पर व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर बाइडेन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि उच्च न्यायालय ने ट्रंप के आधारहीन प्रयासों को खारिज कर दिया है.

डेमोक्रेट के पेंसिल्वेनिया अटॉर्नी जनरल जोश शापिरो ने ट्वीट के जरिए कहा कि हमारे देश की सर्वोच्च अदालत ने इस मामले के जरिए देखा कि कैसे चुनावी प्रक्रिया का देशद्रोही दुरुपयोग के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने झूठा दावा किया है कि उन्होंने चुनाव जीता और चुनाव में धंधली के निराधार आरोप लगाए हैं.

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के फाइनल नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. डेमोक्रेट उम्मीदवार और निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन को 306 इलेक्टोरल वोट पाने का अनुमान है. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खाते में 232 वोट आए हैं. राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए 538 में से 270 इलेक्टोरल वोट की जरूरत होती है.

अमेरिका: 24 घंटे में 3000 लोगों की मौत, फाइजर वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत

अमेरिका: 24 घंटे में 3000 लोगों की मौत, फाइजर वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत

अमेरिका में कोरोना का कहर दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखने को मिला है. जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़े के अनुसार अमेरिका 15.5 मिलियन लोग कोरोना की चपेट में आए हैं और यहां इस बीमारी से लगभग 2 लाख 92 हजार लोगों ने जान गंवाई है

ब्रिटेन के बाद अमेरिका में भी अमेरिकी कंपनी फाइजर और जर्मन फार्मा कंपनी बायोएनटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत मिल गई है. अमेरिका में कोरोना का कहर दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखने को मिला है. जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़े के अनुसार अमेरिका में15.5 मिलियन लोग कोरोना की चपेट में आए हैं और यहां इस बीमारी से लगभग 2 लाख 92 हजार लोगों ने जान गंवाई है.

इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने वैक्सीन बनाने वाली एक अन्य कंपनी मॉर्डना से कोरोना के 100 मिलियन कोरोना वैक्सीन खरीदने का फैसला किया है.

शुक्रवार को अमेरिकी सरकार की एक सलाहकार समिति ने फाइजर के वैक्सीन की इमरजेंसी इस्तेमाल इजाजत की अनुमति दे दी.

इस मुद्दे पर अमेरिका में आठ घंटे तक लंबी बहस चली. इस दौरान FDA की सलाहकार समिति के सदस्यों ने 4 के मुकाबले 17 वोटों से वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी. एक सदस्य मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ.

हालांकि फाइजर के वैक्सीन को अभी मिली इजाजत अंतरिम है. कंपनी को अमेरिका में वैक्सीन को नियमित रूप से बेचने के लिए एक बार और आवेदन करनी होगी.

एक एक्सपर्ट ने कहा कि अभी इस वैक्सीन से जितने लाभ हैं, वो इससे अभी होने वाले संभावित खतरों से ज्यादा हैं, इसलिए वैक्सीन को इस्तेमाल की इजाजत दे दी गई है.

बता दें कि फाइजर के इस वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए पहले ही ब्रिटेन, कनाडा, बहरीन और सऊदी अरब में इजाजत मिल चुकी है. भारत में भी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मांगी गई है. 

अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 3000 मौतें

अमेरिका में फाइजर के वैक्सीन की इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत तब मिली है, जब यहां पिछले 24 घंटे में 3000 लोगों की कोरोना से मौत हुई है. ये आंकड़ा दुनिया भर में सबसे ज्यादा है.

फाइजर के वैक्सीन को इस्तेमाल की इजाजत मिलने के बाद अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि ये घटनाक्रम अंधेरे वक्त में एक रोशनी की तरह है. हम वैज्ञानिकों, रिसर्चरों के आभारी हैं.  अमेरिका के सामने अब वैक्सीन के निर्माण और इसके वितरण की चुनौती है. माना जा रहा है कि अमेरिका ने अपना वैक्सीन स्टॉक बढ़ाने के लिए मॉडर्ना से 100 मिलियन वैक्सीन डोज खरीदने का फैसला किया है.

किसान आंदोलन के बीच PM मोदी बोले- कृषि से जुड़ी चीजों की सारी दीवारें हटा रहे हैं

किसान आंदोलन के बीच PM मोदी बोले- कृषि से जुड़ी चीजों की सारी दीवारें हटा रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) की 93वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) और वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया. यह संबोधन डिजिटल माध्यम से हो रहा है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साल 2020 T-20 के मैच में हमनें कई बार स्थितियों को बहुत तेजी से बदलते हुए देखा है. लेकिन साल 2020 सबको पीछे छोड़ गया. हमारे देश और पूरी दुनिया ने इस साल उथल-पुथल देखा. पीएम ने कहा कि अच्छी बात ये है कि कोरोना की वजह से स्थितियां जितनी जल्दी बिगड़ी उतनी ही तेजी से सुधर रही हैं.

भारत में मंडियों का आधुनिकीकरण हो रहा है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है. आज भारत में मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है. इससे किसानों को नए विकल्प और नए बाजार मिलेंगे.

देश में चौतरफा रिफॉर्म्स की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की मंडियों का आधुनिकीकरण हो रहा है. फसलों को मंडी के साथ बाजार में बेचने का विकल्प मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में चौतरफा रिफॉर्म्स किए गए हैं. आज भारत में कॉरपोरेट टैक्स दुनिया में सबसे कम है. इंस्पेक्टर राज और टैक्स के जंजाल को पीछे छोड़कर भारत अपने उद्यमियों पर भरोसा कर रहा है और आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि जब एक सेक्टर विकसित करता है तो उसका विकास दूसरे सेक्टरों पर भी पड़ता है.

कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र को और निवेश करने की जरूरत-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेती में जितना निजी क्षेत्र के द्वारा निवेश किया जाना चाहिए था उतना निवेश नहीं किया गया. निजी क्षेत्र ने कृषि क्षेत्र को एक्सप्लोर नहीं किया. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निजी कंपनियां अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें और भी अच्छा काम करने की जरूरत है.

विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड निवेश किया-पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 6 सालों में दुनिया ने भारत में गजब का विश्वास दिखाया है. और ये विश्वास पिछले 6 महीनों में और भी मजबूत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि चाहे वो FDI हो या फिर FPI विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकॉर्ड निवेश किया और आगे भी कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने कृषि कानूनों की फिर तारीफ की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधारों की चर्चा करते हुए कहा कि नए कृषि सुधारों से किसानों को फायदा होने वाला है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि से जुड़े सारी चीजों से दीवारें हटा रहे हैं. नए कृषि कानून से किसानों को नए बाजार मिलेंगे. नए कृषि कानूनों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निवेश से किसानों को बहुत फायदा होगा, उन्हें नए विकल्प मिलेंगे, नए बाजार मिलेंगे.

भारत के फैसले से दुनिया हैरान-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी के समय भारत ने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भारत ने जो फैसले लिए उससे पूरी दुनिया चकित है.

किसानों का प्रदर्शन तेज, करनाल में टोल प्लाजा किया फ्री, यूपी में PAC की तैनाती

किसानों का प्रदर्शन तेज, करनाल में टोल प्लाजा किया फ्री, यूपी में PAC की तैनाती

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन सत्रहवें दिन भी जारी है. किसान संगठनों ने दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक ठप करनी की चेतावनी दी है. वहीं दूसरी तरफ हरियाणा में किसानों ने टोल प्लाजा को घेरने का आह्वान किया है. लिहाजा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में पुलिस अलर्ट है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

किसान आंदोलन पर खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट, नेता बोले संदिग्ध को जेल भेजें

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि अगर बैन किए गए संस्थानों के लोग हमारे इर्द-गिर्द दिखाई दे रहे हैं तो सेंट्रल इंटेलिजेंस को उन्हें पकड़कर जेल भेजना चाहिए. हमें अपने आंदोलनकर्ताओं के बीच ऐसा कोई शख्स दिखाई नहीं दे रहा है. अगर हमें ऐसा कोई मिला तो हम उन्हें बाहर निकाल देंगे. दरअसल खुफिया सूत्रों के अनुसार किसान आंदोलन से जुड़ी एक रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि अल्ट्रा-लेफ्ट नेताओं और प्रो-लेफ्ट विंग के चरमपंथी तत्वों ने किसानों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया है. जानकारी के मुताबिक इस बात के विश्वसनीय खुफिया इनपुट हैं कि ये तत्व किसानों को हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने की योजना बना रहे हैं.

दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं हरियाणा के किसान

हरियाणा के किसान भी अब दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं. कुरुक्षेत्र जिले में किसान ट्रैक्टरों में बैठकर दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं. सड़क पर ट्रैक्टरों की लंबी कतार दिखाई दे रही है. जिसमें इलाके के किसान सवार होकर दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं. ये सभी दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन देने के लिए निकले हैं.

हरियाणा के कई इलाकों में किसानों ने बंद किया टोल प्लाजा

हरियाणा में किसानों ने शुक्रवार रात को बस्तारा टोल प्लाजा बंद कर दिया था. ये सभी किसान केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं. वहीं अंबाला में शंभू टोल प्लाजा को किसानों ने बंद कर दिया है. जिसके बाद इसे टोल फ्री कर दिया गया है.

यूपी के टोल प्लाजा पर सुरक्षा चाक चौबंद

यूपी के सभी टोल प्लाजा पर सुरक्षा और सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं.  प्रदेश के सभी 130 टोल प्लाजा पर पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है. किसान आंदोलन को देखते हुए डीजीपी मुख्यालय ने निर्देश जारी किए हैं. सभी जिला कप्तानों को टोल प्लाजा की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं. फायर ब्रिगेड, यूपी 112, खुफिया सभी को अलर्ट पर रहने के निर्देश हैं. बता दें, किसानों ने शनिवार को टोल प्लाजा ब्लॉक करने का ऐलान किया है.

अलर्ट पर फरीदाबाद पुलिस

किसानों के टोल प्लाजा को घेरने के आह्वान पर फरीदाबाद पुलिस अलर्ट है. आंदोलन की आड़ में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. प्रदर्शन के दौरान लोगों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी. इस दौरान करीब 3,500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. फरीदाबाद जिले के हर टोल प्लाजा पर एक-एक सहायक पुलिस आयुक्त और संबंधित थाना के पुलिस बल के अलावा रिजर्व पुलिस बल की तैनाती की गई है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का BJP पर आरोप- नॉर्थ MCD ने गलत तरीके से माफ किया 2400 करोड़ बकाया

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का BJP पर आरोप- नॉर्थ MCD ने गलत तरीके से माफ किया 2400 करोड़ बकाया

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि “इसकी जांच करने के लिए एडिशनल चीफ सेक्रेट्री को आदेश दिया गया है. इस तरह MCD के फंड को कैसे माफ़ किया जा सकता है?”

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर दिल्ली नगर निगम (MCD) के तीनों मेयर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जब तक दिल्ली नगर निगम को उसके हक का पैसा नहीं मिल जाता, तब तक ये धरना जारी रहेगा. लेकिन इस बीच केजरीवाल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी शासित नॉर्थ MCD ने साउथ MCD की 2400 करोड़ से भी ज्यादा बकाया राशि को गलत तरह से माफ़ किया है. जैन के मुताबिक, “इसकी जांच करने के लिए एडिशनल चीफ सेक्रेट्री को आदेश दिया गया है. इस तरह MCD के फंड को कैसे माफ़ किया जा सकता है?”

सत्येंद्र जैन ने कहा कि “जहां तक तीनों नगर निगम के बकाए का सवाल है, तो जितना वित्त आयोग के तहत देना बनता था, वो हम पहले ही दे चुके, बल्कि निगम से जो लेना बाकी है, वो नहीं ले रहे हैं.” 

वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात कर, केजरीवाल सरकार पर निगम का बकाया 13000 करोड़ रुपए का फंड तुरंत जारी करवाने की मांग की. बीजेपी नेताओं ने इस मामले में उपराज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है.

उधर, नॉर्थ MCD के मेयर जय प्रकाश का कहना है कि उत्तरी निगम के बकाए 13 हजार करोड़ रुपये की मांग को लेकर हमारा एक प्रतिनिधिमंडल सीएम केजरीवाल से मिलने गया था, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया. बकौल, जय प्रकाश इससे पहले भी जब इसी मांग को लेकर सीएम के आवास पर धरना दिया गया था, लेकिन तब तभी हमें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला.

फिलहाल, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के बीच जारी विवाद से राजधानी की सियासत गर्म है. जहां बीजेपी केजरीवाल सरकार पर निशाना साध रही है तो वहीं अब सत्येन्द्र जैन ने भी बीजेपी शासित नॉर्थ एमसीडी पर बड़ा आरोप लगाया है.